कैसा होगा CUET एग्जाम पैटर्न ,बदल गए विश्वविद्यालय प्रवेश के नियम, आइये जाने नए नियम

प्रश्न पत्र के तीन खंड होंगे

 सीयूईटी परीक्षा पैटर्न के ब्लूप्रिंट के मुताबिक, प्रश्न पत्रों को तीन खंडों में बांटा जाएगा

पहला खंड एक लैंग्वेज टेस्ट होगा |  जिसके लिए छात्रों के पास 13 भाषाओं में से एक को चुनने का विकल्प होगा, जिसमें असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं. प्रश्न अन्य बातों के अलावा पढ़ने की समझ, बोलने की क्षमता और व्याकरण पर आधारित होंगे.

दूसरे खंड में छात्रों को एक से चार डोमेन-विशिष्ट विषयों, जैसे एकाउंटिंग, बुककीपिंग, इतिहास, अर्थशास्त्र या भूगोल पर प्रश्नों का उत्तर देना होगा.

पेपर के तीसरे खंड में दो उपखंड होंगे. पहला खंड वोकेशनल और ओपन एलिजिबिलिटी प्रोग्राम्स के लिए एक जनरल टेस्ट होगा| जहां छात्रों के सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स के बारे में जागरूकता, सामान्य मानसिक क्षमता और तार्किक और विश्लेषणात्मक तार्किकता आदि का टेस्ट होगा|  वहीं, दूसरा उप-खंड एक अतिरिक्त भाषा परीक्षा से जुड़ा होगा| इसमें फ्रेंच, स्पेनिश, जर्मन, कोंकणी, बोडो, नेपाली, फारसी, इतालवी, तिब्बती, जापानी जैसी 13 भाषाओं में से किसी एक में छात्रों के ज्ञान की परीक्षा ली जाएगी. हालांकि, यह उप-खंड वैकल्पिक है.

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेन्स टेस्ट (CUET) की घोषणा के बाद अब उससे जुड़ी तैयारियां तेज हो गई है। सभी विश्वविद्यालयों में इस परीक्षा के आयोजन की योजना बनाई जा रही है।

कैसा होगा पेपर

यह परीक्षा कंप्यूटर पर आधारित होगी। इसका आयोजन पूरे देश मे होगा। स्नातक (UG) के सामान्य पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होने वाली इस परीक्षा में कुल 75 प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को सिर्फ कोई 60 प्रश्न हल करना है। परीक्षा का समय 1 घंटा रहेगा। 12वीं स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगे।

स्विच करने की होगी अनुमति

 छात्रों को अपनी पढ़ाई की स्ट्रीम बदलने की सुविधा मिलती रहेगी|

सीयूईटी गाइडलाइन के मुताबिक, उम्मीदवारों को केवल उन विषयों के लिए ही सीयूईटी के लिए शामिल होना होगा, जिनके साथ उन्होंने 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की है|

उदाहरण के तौर पर जो छात्र बॉयोलॉजिकल साइंस ऑनर्स के साथ बीएससी में एडमिशन लेना चाहते हैं, उन्हें फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी या बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषयों के साथ प्रवेश परीक्षा देनी होगी| इसी तरह, केमेस्ट्री ऑनर्स के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स का विकल्प चुनना होगा.

सीयूईटी के लिए यूजीसी की गाइडलाइन से डीयू ने पेपर के दूसरे खंड के लिए 17 डोमेन-विशिष्ट विषयों को चुना है।

‘बी-1’ नामक इस लिस्ट में अकाउंट्स, बायोलॉजी, बिजनेस स्टडीज, केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, इकोनॉमिक्स, जियोग्राफी, हिस्ट्री, होम साइंस, लीगल स्टडीज, मैथ्स, फिजिक्स, पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी और संस्कृत शामिल हैं.

 एनटीए इस सूची में दस अतिरिक्त विषयों को शामिल कर सकता है, जिसमें फिजिकल एजुकेशन, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, फाइन आर्ट्स, भारतीय ज्ञान पद्धति, कॉमर्शियल आर्ट्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स, उद्यमिता, शिक्षण योग्यता, मास मीडिया और एग्रीकल्चर शामिल हैं. इन्हें ‘बी-2’ श्रेणी में रखा गया है.

विषयों की विस्तृत रेंज स्ट्रीम बदलने को आसान बनाती है.

उदाहरण स्वरूप, सीयूईटी के लिए गाइडलाइन के मसौदे के मुताबिक, अंग्रेजी ऑनर्स में प्रवेश के इच्छुक छात्र को ‘सेक्शन-1 से अंग्रेजी और बी1+ से कोई भी दो विषय और बी-1 या बी-2 से कोई एक विषय’ चुनना होगा| इसका मतलब है कि 12वीं कक्षा में विज्ञान या कॉमर्स की पढ़ाने करने वाला कोई छात्र उन विषयों (अंग्रेजी के साथ) में सीयूईटी पास कर सकता है और फिर भी अंग्रेजी में प्रवेश ले सकता है, जो एक आर्ट्स सब्जेक्ट है.

इसे एक अन्य उदाहरण से भी समझ सकते हैं, विज्ञान का कोई भी छात्र अंग्रेजी (ऑनर्स) में प्रवेश के लिए सीयूईटी के तहत अंग्रेजी, बॉयोलॉजी, केमेस्ट्री और फिजिक्स की परीक्षा दे सकता है. इसी तरह एक कॉमर्स का कोई छात्र यदि अंग्रेजी ऑनर्स में स्विच करना चाहता है, वह अंग्रेजी, एकाउंट्स, इकोनॉमिक्स और बिजनेस स्टडीज में परीक्षा दे सकता है.

लैग्वेज डिग्री कोर्स के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा में उस भाषा के लिए अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा.

सीयूईटी नियमों में मामूली बदलाव

 दिल्ली यूनिवर्सिटी ने यूजीसी की तरफ से जारी अधिकांश सीयूईटी दिशानिर्देशों को अपनाया है लेकिन यूनिवर्सिटी की जरूरतों और व्यवस्थाओं के अनुरूप कुछ बदलाव किए गए हैं.

उदाहरण के तौर पर, यूजीसी दिशानिर्देशों के मुताबिक आदर्श स्थिति में छात्रों को तीसरे सेमेस्टर के अंत में अपने मेजर और माइनर विषयों की घोषणा करनी होगी| हालांकि, डीयू में छात्रों को प्रवेश के समय ही अपने मेजर और माइनर विषयों की घोषणा करनी होगी। वीसी ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी के पास उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है.

 छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ही अपने मेजर सब्जेक्ट के बारे में स्पष्ट तौर पर बताने की आवश्यकता होगी, ताकि उन्हें उस कॉलेज में प्रवेश दिया जा सके जो चयनित कोर्स के लिए सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करता हो। हालांकि,  माइनर सब्जेक्ट के चयन के साथ कुछ फ्लेक्सबिलिटी रखी है।  छात्र चाहें तो उन्हें अपनी शिक्षा अवधि के दौरान बदल सकते हैं|

17 मार्च की अकादमिक काउंसिल की बैठक में एक और निर्णय लिया गया कि कुलपति के पास एनटीए द्वारा निर्धारित किसी भी अन्य बदलाव के मामले में प्रवेश प्रक्रिया में थोड़ा-बहुत बदलाव करने का अधिकार होगा|

सीबीएसई की 12वीं कक्षा के नतीजे जून 2022 में घोषित होने हैं यद्यपि सीयूईटी की तारीखें घोषित किया जाना अभी बाकी है, यूजीसी की ओर से जारी एक पब्लिक नोटिस के मुताबिक, स्नातक परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया अप्रैल 2022 के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी

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