DU सहित सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय में कॉमन एंट्रेन्स टेस्ट से होगा एडमिशन

2022-23 के शैक्षणिक सत्र से दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) सहित सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय  के कॉलेजों एवं utd में स्नातक प्रवेश केवल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के अंकों के आधार पर होगा. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने घोषणा की है कि सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी यही प्रवेश प्रक्रिया अपनाएंगी।
अब केंद्रीय विश्वविद्यालयों को स्नातक पाठ्यक्रमों में छात्रों के दाखिले के लिए विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) में प्राप्त अंकों का उपयोग करना होगा। जुलाई के पहले सप्ताह में सीयूईटी का आयोजन किया जाएगा।
नई व्यवस्था में भी छात्रों को स्ट्रीम बदलने की सुविधा बरकरार रहेगी, जिसका मतलब है कि विज्ञान के छात्र आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम में जाने का विकल्प चुन सकते हैं, कॉमर्स के छात्र आर्ट्स में जा सकते हैं और आर्ट्स के छात्र कॉमर्स में स्विच कर सकते हैं. हालांकि, कॉमर्स और आर्ट्स संकाय के छात्र साइंस में जाने का विकल्प नहीं चुन पाएंगे।
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 17 मार्च को अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक में निर्णय लिया था कि उम्मीदवारों को यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की योग्यता हासिल करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 40 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है. उस बैठक में लिए गए फैसलों के मसौदे पर अकादमिक काउंसिल की मौजूदा बैठकों में समीक्षा की जा रही है।
अब तक, डीयू के कॉलेजों में प्रवेश आमतौर पर कट-ऑफ के आधार पर होता रहा है, जो पिछले साल शीर्ष कॉलेजों में कुछ विषयों के लिए 100 फीसदी तक पहुंच गया था।
2020 में आई केंद्र की नई शिक्षा नीति में हायर एजुकेशन के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का प्रस्ताव रखा गया था। 2021 में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट संबंधी दिशानिर्देश तय करने के लिए यूजीसी ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे अमल में नहीं लाया जा सका।  इस महीने, यूजीसी ने सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीयूईटी के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।
सीयूईटी से हाई कट-ऑफ से होने वाली समस्या पर काबू पाया जा सकेगा और सभी छात्रों को प्रवेश का एक समान अवसर मिल सकेगा।
सीयूईटी के लिए दिशानिर्देश जहां यूजीसी की तरफ से बनाए गए हैं, वहीं उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए बनी एक स्वायत्त एजेंसी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को प्रश्न पत्र तैयार करने और परीक्षा के आयोजन का प्रभार सौंपा गया है।
इसी के साथ सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्नातक कोर्स में एडमिशन के लिए अब तक बोर्ड एग्जाम यानी 12वीं में प्राप्त अंकों का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। यह नियम 2022-23 शैक्षणिक सत्र से शुरू से लागू होंगे। हालांकि विश्वविद्यालयों को बोर्ड एग्जाम के मार्क्स पर न्यूनतम पात्रता निर्धारित करने की अनुमति होगी।
जो स्टेट यूनिवर्सिटी या प्राइवेट यूनिवर्सिटी CUCET को अपनाना चाहते हैं, वे इस एंट्रेंस टेस्ट में प्राप्त अंकों के साथ-साथ 12वीं के अंकों को भी आधार बना सकते हैं।
छात्रों के पास अंग्रेजी, हिंदी, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू भाषा में परीक्षा देने का विकल्प रहेगा। CUCET का विश्वविद्यालयों की आरक्षण नीति पर कोई असर नहीं होगा।

डॉ. पीयूष दीक्षित

Comments

Neelesh padele said…
सराहनीय निर्णय